तहसील समाधान दिवस में भड़का पीड़ित का गुस्सा: “भू-माफिया से मिले हैं अधिकारी

 सांसद जी इन्हें हटवा दो”

हाथरस  ।
“भू-माफिया से मिले हैं अधिकारी, इन्हें हटा दो सांसद जी!”—ये शब्द उस हताश और पीड़ित युवक के हैं, जो अपनी ही जमीन से अवैध कब्जा हटवाने के लिए लखनऊ दरबार से लेकर जिला और मंडल स्तर तक के चक्कर काट-काटकर थक चुका है। शनिवार को तहसील सिकंदराराऊ समाधान दिवस के अवसर पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली के खिलाफ पीड़ित युवक का यह दर्द और आक्रोश खुलकर सामने आ गया।
​मामला तहसील सिकंदराराऊ का है, जहां तहसील समाधान दिवस में हाथरस के सांसद  और सिकंदराराऊ के स्थानीय विधायक जनसमस्याएं सुनने पहुंचे थे। इसी दौरान अपनी फरियाद लेकर पहुंचे पीड़ित युवक का धैर्य जवाब दे गया। सांसद और विधायक की मौजूदगी में ही उसने आला अधिकारी  पर भू-माफियाओं से साठगांठ का सीधा आरोप लगाते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई।

लखनऊ से मंडल तक लगाई गुहार, पर नहीं मिली राहत

​पीड़ित युवक ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसकी जमीन पर भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर रखा है। इसे खाली कराने के लिए उसने शासन-प्रशासन के हर चौखट पर माथा टेका। लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री , उच्च अधिकारियों से लेकर मंडल और जिला स्तर के चक्कर लगाए, लेकिन तहसील के अधिकारियों की लापरवाही और कथित सांठगांठ के चलते उसे केवल आश्वासन ही मिले, न्याय नहीं। ​”जब निचले स्तर के अधिकारी ही भू-माफियाओं को संरक्षण देंगे, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करे?” — पीड़ित युवक का आक्रोश

​जनप्रतिनिधियों के सामने खुली पोल

​समाधान दिवस में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में अधिकारी पर लगे इस गंभीर आरोप से मौके पर हड़कंप मच गया। फरियादी के उग्र रूप और गंभीर आरोपों को देखकर वहां मौजूद अधिकारी बगले झांकते नजर आए।
​सांसद ने पीड़ित की बात को गंभीरता से सुनते हुए मामले की पारदर्शी जांच कराने और अवैध कब्जा तुरंत हटवाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर समाधान दिवस के दावों और तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।