स्पेक्ट्रा प्लस का ईएनटी विशेषज्ञों के लिए सीएमई का आयोजन किया गया
अलीगढ़। स्पेक्ट्रा प्लस हियरिंग एंड स्पीच क्लिनिक की ओर से आज अलीगढ़ के होटल ओर्चिड ब्लू में ईएनटी विशेषज्ञों के लिए सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य वक्ता डॉ एस.सी. शर्मा (पूर्व प्रिंसिपल जे.एन.मेडिकल कॉलेज एएमयू), एवं विशिष्ट अतिथि डॉ भरत वाष्णेय (प्रेसिडेंट आई.एम.ए, अलीगढ) ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
कार्यक्रम का संचालन नितिन नैयर ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में कान की सुनने की क्षमता की जांच, टिनिटस, नवजात शिशुओं की सुनने की जांच तथा आधुनिक श्रवण यंत्र तकनीक से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा की गयी। डॉ एस. सी. शर्मा ने टिनिटस, यानी कान में सीटी, घंटी, आवाज या भनभनाहट जैसी ध्वनि सुनाई देने की समस्या पर विशेषज्ञ इसके संभावित कारणों, सही जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन के साथ-साथ टिनिटस से प्रभावित मरीजों में उचित श्रवण परीक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में ओएई (ओटोअकॉस्टिक एमिशंस) सहित नवजात श्रवण जांच की तकनीकों पर जानकारी दी गयी। सभी नवजात शिशुओं के अलावा एनआईसीयू में भर्ती रहे बच्चों, समय से पहले जन्मे या उच्च जोखिम वाले बच्चों, सुनने की क्षमता को लेकर अभिभावकों की चिंता वाले बच्चों तथा बोलने एवं भाषा विकास में देरी वाले बच्चों की समय पर जांच के महत्व को रेखांकित किया गया।

आधुनिक श्रवण यंत्रों की तकनीक पर विशेषज्ञ चर्चा की गई । सीएमई में आधुनिक श्रवण यंत्रों में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों पर भी विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने बताया कि श्रवण यंत्र का चयन केवल उसकी कीमत या तकनीक के आधार पर नहीं, बल्कि मरीज की श्रवण क्षमता में कमी, आयु, जीवनशैली, संवाद की आवश्यकता और व्यक्तिगत जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
नितिन नैयर (डी.जी.एम.) ने बताया कि स्पेक्ट्रा प्लस द्वारा ईएनटी विशेषज्ञों, श्रवण विशेषज्ञों और हियरिंग केयर प्रोफेशनल्स के बीच बेहतर समन्वय से मरीजों को श्रवण समस्या की पहचान से लेकर पुनर्वास और आगे की देखभाल तक बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
समय पर सही जांच और बेहतर श्रवण देखभाल का संदेश
स्पेक्ट्रा प्लस की ओर से कहा गया कि इस सीएमई का उद्देश्य अलीगढ़ के ईएनटी विशेषज्ञों के साथ ज्ञान एवं अनुभव साझा करना और श्रवण देखभाल के क्षेत्र में नई जांच पद्धतियों एवं तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। समय पर सही जांच, उपयुक्त तकनीक और बेहत
श्रवण पुनर्वास के माध्यम से मरीजों को अधिक प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों एवं उपस्थित चिकित्सकों के बीच इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ, जिसमें दैनिक चिकित्सा अभ्यास में सामने आने वाले कान की बीमारी के रोगियों से संबंधित विभिन्न क्लिनिकल परिस्थितियों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ एस. सी. शर्मा (पूर्व प्रिंसिपल जे.एन.मेडिकल कॉलेज एएमयू) को स्मृति चिन्ह भेंट कर डॉ भरत वार्ष्णेय ने सम्मानित किया । विशिष्ट अतिथि डॉ भरत वार्ष्णेय (प्रेसिडेंट आई.एम.ए, अलीगढ) को स्मृति चिन्ह भेंट कर सेंटर हेड सौरभ चौधरी ने सम्मानित किया। इस अवसर पर राकेश कुमार(बी.डी.एम.), डॉ एस सी शर्मा, डॉ के-चंद्रा, डॉ नरेश शर्मा डॉ. प्रसून वार्ष्णेय, डॉ. प्रवीण गर्ग, डॉ अभिनव गुप्ता, डॉ. पवन अग्रवाल, डॉ. एम.पी सिंह, डॉ. नितिन अग्रवाल, डॉ. चंद्रेश भाटिया, डॉ.जितेन्द्र वार्ष्णेय, डॉ समीउल्लाह, डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, स्पेक्ट्रा प्लस टीम दिल्ली के मयंक अग्रवाल, रोहित पांडे -( दिल्ली एनसीआर हेड बिजनेस) एवं गुनीत सिंह (सोशल मीडिया मैनेजर) आदि मौजूद रहे । कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं एवं चेयरपर्सन्स का अभिनंदन किया गया तथा आयोजकों ने सभी उपस्थित चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया।







