मानवता की मिसाल: सामूहिक विवाह टला तो समाजसेवियों ने संभाली कमान

‘ममता फ़ार्म हाउस’ में धूमधाम से हुआ गरीब कन्या का कन्यादान!

हाथरस । कहते हैं कि बेटियां सबकी सांझी होती हैं और जब किसी गरीब की बेटी की शादी पर संकट आए, तो समाज का फर्ज और बढ़ जाता है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला सिकन्दरा राऊ के ममता फ़ार्म हाउस में, जहाँ समाजसेवियों ने अपनी मानवीय जिम्मेदारी निभाते हुए एक गरीब कन्या का विवाह पूरे विधि-विधान और मान-सम्मान के साथ संपन्न कराया।

क्या है पूरा मामला 

​रामकथा के दौरान आयोजित होने वाला 11 सामूहिक विवाह समारोह अचानक स्थगित हो गया था। इसके कारण सिंहपुर निवासी अहेरिया समाज का एक गरीब परिवार अपनी बेटी की शादी को लेकर गहरी चिंता में डूब गया। बेटी की शादी तय थी, लेकिन आयोजन रद्द होने से परिवार बेबस नजर आ रहा था।

संकटमोचक बनकर आगे आए रानू , आकाश और सजल

​जैसे ही इस बात की जानकारी क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवियों को हुई, उन्होंने बिना देर किए इस बेटी के हाथ पीले करने का बीड़ा उठाया। रानू पंडित, आकाश दीक्षित और सजल पंडित ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए विवाह की संपूर्ण व्यवस्था अपने कंधों पर ले ली।

​ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खैर के युवक संग सात फेरे

​ममता फ़ार्म हाउस में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में खैर निवासी युवक के साथ कन्या का विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। कन्या पक्ष को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए भोजन से लेकर विदाई तक के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।

​”भविष्य में भी जारी रहेगा सेवा का यह सफर”
ममता फ़ार्म हाउस के मालिक और प्रमुख समाजसेवी आकाश दीक्षित ने बताया कि वे पूर्व में भी ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन कराते रहे हैं। उन्होंने कहा, “ज़रूरतमंद परिवारों की सहायता करना हमारा नैतिक दायित्व है, और भविष्य में भी जनहित के ऐसे कार्य जारी रहेंगे।”

इन साथियों का रहा सराहनीय योगदान

​इस पुण्य कार्य को सफल बनाने और व्यवस्थाएं संभालने में मोनू वार्ष्णेय, मुनेश शर्मा, नीटू शर्मा, मोनू पण्डित एवं दुर्वेश पचौरी ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई। क्षेत्र के लोगों ने इस पूरी टीम की जमकर सराहना की है और इस पहल को समाज के लिए एक सच्ची प्रेरणा बताया है।