मंगलवार, मई 14, 2024
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Elon Musk ने ISRO के successful launch पर ट्विट कर बधाई दी!

टेस्ला और spacex के CEO एलन मस्क ने Indian Space Research Organisation (ISRO) को पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) C-55 के successful launch के लिए बधाई दी है। मस्क ने ट्विटर पर लिखा- congrachulation ISRO ने शनिवार दोपहर 2:19 बजे PSLV-C55 रॉकेट से सिंगापुर के दो सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च किए थे।
आंध्र प्रदेश के Shri harikota स्थित Satish dhwan स्पेस सेंटर से भेजे गए इस मिशन से TeLEOS-2 और LUMELITE-4 को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया गया था। 228 टन के PSLV की यह 57वीं फ्लाइट थी। ISRO को दुनियाभर में सैटेलाइट लॉन्चेज के लिए कॉस्ट इफेक्टिव और रिलायबल ऑप्शन माना जाता है।

यह एक टेली कम्युनिकेशन सैटेलाइट है। सिंगापुर सरकार ने इसे वहां के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के साथ मिलकर तैयार किया है। यह दिन-रात और सभी मौसमों में कवरेज देने में सक्षम है। यह 741 किलो वजनी है। यह आपदा प्रबंधन से जुड़ी सूचना देता है।

इसे सिंगापुर के इन्फोकॉम रिसर्च इंस्टीट्यट (I2R) और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के सैटेलाइट टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर (STAR) की साझेदारी में बनाया गया है। इसका उद्देश्य ग्लोबल शिपिंग कम्युनिटी को फायदा पहुंचाना है। यह 16 किलो का है।

कस्टमर की दो सैटेलाइट्स के अलावा, मिशन में PSLV ऑरबिटल एक्सपेरिमेंटल मॉड्यूल (POEM) भी शामिल था। दरअसल, PSLV चार स्टेज वाला रॉकेट है। इसके तीन स्टेज तो समुद्र में गिर जाते हैं। आखिरी यानी चौथी स्टेज जिसे PS4 भी कहते हैं, सैटेलाइट को अपनी कक्षा में पहुंचाने के बाद अंतरिक्ष का कचरा भर रह जाता है। ISRO ने टेस्ट परफॉर्म करने के लिए राकेट की इसी फोर्थ स्टेज को डेवलप किया है जिसे POEM कहा जाता है।
रॉकेट की फोर्थ स्टेज में पेलोड को जोड़ा गया है जो सेपरेट नहीं होते। इस मिशन में इसरो, बेलाट्रिक्स, ध्रुवा स्पेस और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स के सात नॉन-सेपरेबल पेलोड को रॉकेट की फोर्थ स्टेज से जोड़ा गया था। POEM सोलर पैनलों से ऑपरेट होता है और इसमें नेविगेशन गाइडेंस और कंट्रोल (NGC) सिस्टम भी लगा है। ये स्टेबलाइजेशन में मदद करता है।
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के स्टारशिप मिशन के फेल होने के कुछ दिनों बाद ISRO ने अपना मिशन लॉन्च किया था। स्टारशिप गुरुवार को लिफ्ट ऑफ के 4 मिनट बाद गल्फ ऑफ मैक्सिको के 30 किलोमीटर ऊपर एक्सप्लोड हो गया था। इसे शाम करीब 7 बजे टेक्सास के बोका चिका से लॉन्च किया गया था। ये स्टारशिप का पहला ऑर्बिटल टेस्ट था। ये दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे ताकतवर रॉकेट है। हालांकि इस रॉकेट का उड़ना ही बड़ी कामयाबी है।

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