55 दिन, 1700 किलोमीटर और पैरों के छाले………………………- पवन पंडित
कहते हैं कि जब इंसान के भीतर अटूट संकल्प और ईश्वर के प्रति अडिग आस्था हो, तो राह की हर कठिनाई छोटी पड़ जाती है। सिकंदराराऊ क्षेत्र के कस्बा पुरदिलनगर निवासी दिनेश शर्मा ‘स्नेही’ ने इसे अपने कर्म से सिद्ध कर दिखाया है। आज के दौर में, जब लोग थोड़ी-सी दूरी तय करने के लिए भी वाहनों का सहारा लेते हैं, वहीं दिनेश शर्मा ने एक ऐसी कठिन पदयात्रा पूरी की है, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।
कदम-दर-कदम आस्था का सफर
दिनेश शर्मा ‘स्नेही’ ने पुरदिलनगर से पवित्र अमरनाथ धाम तक लगभग 55 दिनों में करीब 1700 किलोमीटर की पैदल यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। इस कठिन यात्रा का सबसे गौरवपूर्ण क्षण तब आया, जब उन्हें इस वर्ष बाबा बर्फानी के प्रथम जत्थे के साथ पवित्र गुफा में दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
यह यात्रा केवल दूरी तय करने का नाम नहीं थी, बल्कि धैर्य, तप, त्याग और अटूट श्रद्धा की कठिन परीक्षा थी। रास्ते में कहीं पहाड़ों की कड़ाके की ठंड मिली, तो कहीं तपती धूप और मूसलाधार बारिश। लगातार चलने से पैरों में छाले पड़े, शरीर थक गया, लेकिन बाबा अमरनाथ के दर्शन का संकल्प उन्हें हर कदम आगे बढ़ाता रहा।
जब ‘स्नेही’ लौटे तो शिवमय हो उठा पुरदिलनगर
यात्रा पूरी कर जैसे ही दिनेश शर्मा ‘स्नेही’ अपने गृह नगर पुरदिलनगर लौटे, पूरे कस्बे में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण छा गया। मुख्य चौराहे से लेकर उनके घर तक लोगों ने फूल बरसाकर और मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। स्वागत जुलूस में ढोल-नगाड़ों की गूंज, डीजे पर बजते शिव भजन और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
महिलाओं ने मंगलगीत गाए, आरती उतारी और तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। अनेक बुजुर्ग इस भावुक क्षण के साक्षी बने और उनकी आंखें गर्व एवं खुशी से नम हो उठीं।
“यह संकल्प मेरा नहीं, महादेव की कृपा है”
स्वागत के दौरान जब दिनेश शर्मा ‘स्नेही’ से इस कठिन यात्रा के अनुभव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने विनम्रता से कहा— “भगवान शिव के प्रति मेरी आस्था और बाबा बर्फानी के दर्शन की लालसा ने मुझे कभी रुकने नहीं दिया। यह यात्रा केवल मेरी शारीरिक क्षमता से पूरी नहीं हुई, बल्कि इसमें महादेव की असीम कृपा, क्षेत्रवासियों का स्नेह और सभी की शुभकामनाओं का बड़ा योगदान है।”
प्रेरणा की एक जीवंत मिसाल
दिनेश शर्मा ‘स्नेही’ की इस ऐतिहासिक पदयात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए जा रहे हैं। क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों का मानना है कि उनका यह साहस, समर्पण और आस्था नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
दिनेश शर्मा ‘स्नेही’ ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि संकल्प दृढ़ हो और ईश्वर पर अटूट विश्वास हो, तो कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है।
निस्संदेह, पुरदिलनगर के इतिहास में उनकी यह 55 दिवसीय पदयात्रा और उनके सम्मान में हुआ भव्य स्वागत लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।
— ब्यूरो रिपोर्ट, ब्रजांचल न्यूज














