शनिवार, फ़रवरी 24, 2024
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सिर्फ आहों से सजे मैं गीत गाता जा रहा हूॅ……

राष्ट्रीय कवि संगम की मण्डलीय काव्य गोष्ठी में कवियों ने किया काव्यपाठ


हाथरस (ब्रजांचल ब्यूरो) :

राष्ट्रीय कवि संगम के तत्वावधान में मण्डल स्तरीय गंगा जमुनी काव्य गोष्ठी का आयोजन कैलोरा स्थित जे.जे. हाॅस्पीटल में ओजकवि चाॅद हुसैन चाॅद के संयोजन में किया गया। जिसकी अध्यक्षता हिन्दू इण्टर काॅलेज अलीगढ़ के प्रधानाचार्य डा0 दिनेश कुमार शर्मा ने की। तथा संचालन युवा कवि राणा मुनी प्रताप ने किया। इस बृहद काव्य गोष्ठी में अध्यक्ष डा0 दिनेश शर्मा सहित बरिष्ठ कवि नरेन्द्र शर्मा नरेन्द्र, आशु कवि अनिल बौहरे, एमआई इण्टर काॅलेज के पूर्व प्राचार्य जनाब आकिल साहब व बरिष्ठ समाज सेवी एंव शायर जमीरूद्दीन जमीर का साॅल व फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया।
ओजकवि राणा मुनी प्रताप की सरस्वती वन्दना से प्रारम्भ हुयी काव्य गोष्ठी में जनाब इरफान ने नातेपाक पढ़कर गोष्ठी का आगाज किया। सासनी से पधारे शायर हनीफ सन्दली ने पढ़ा- जुबां पर सच अगर लाये न होते, किसी के तीर भी खाये न होते। युवा शायर जाहिद खान राहत ने पढ़ा- तूने सोचा है कभी ऊॅचे मकानों वाले, तेरे कचरे से निवालों को उठाता है कोई। आशु कवि अनिल बौहरे ने पढ़ा- कवियो ंको एकजुट होना जरूरी है, सरंक्षण, सुरक्षा अपनी मजबूरी है। अलीगढ़ से आये बरिष्ठ कवि नरेन्द्र शर्मा नरेन्द्र ने पढ़ा- चाॅदी का चक्कर चला कटा न्याय का शीश, गूंगे अधिवक्ता हुये बहरे न्यायधीश। आकिल कासगंजवी ने पढ़ा- जंग से गोद उजड़ जायेगी धरती माॅ की, सरहदों पर ये बताने के लिये आया हूॅ। ओज कवि राणा मुनी प्रताप ने पढ़ा- गिरवी रखा हुआ है बेटियों का स्वाभिमान, तुम कहते हो चुपचाप बैठ जाऊं मैं। डा0 कर्णपाल निडर ने पढ़ा- विश्व गुरू भारत बने ऐसा राम राज्य लाना है, दुनिया में अपना तिरंगा फहराना है। देवेश सिसोदिया ‘आॅसू’ ने पढ़ा- जिन्दगी के इस सफर में मुस्कुराता जा रहा हॅू, सिर्फ आहों के सजे में गीत गाता जा रहा हॅू। डा0 उपेन्द्र झा ने पढ़ा- तुमसे मिलना मिलाना जो होता अगर, दिल लगाते नही हम किसी और से। काव्यपाठ करने वालो में सुरेश सादाबादी, सूरज पाल सिंह सूरज, भोज राज सिंह भोज, जयप्रकाश पचैरी, रामबाबू पिप्पल, नूर मौहम्मद नूर, हरिभान सिंह हरि, श्याम बाबू चिन्तन, सुभाष तौमर, मनोज नागर, बलवीर सिंह पौरूष, बाबा देवी सिंह निड़र, डा0 उपेन्द्र झा, नरेन्द्र शर्मा नरेन्द्र, अनिल बौहरे, चाॅद हुसैन चाॅद, यादराम शर्मा, सत्यप्रकाश सत्य, तेजवीर सिंह त्यागी, जाहिद खाॅ राहत, शमसुल अहद शम्स, डा0 दानिस कैफी, रोशन लाल वर्मा, दीपक रफी, जितेन्द्र गौतम, हनीफ सन्दली, इरफान साहब, अजीत प्रताप सिंह, डा0 दिनेश शर्मा, डा0 नितिन मिश्र, देवेश सिसोदिया ‘आॅसू’ आदि 3 दर्जन कवियों ने काव्यपाठ किया।

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