सिकंदराराऊ: ‘हर घर जल’ योजना के सड़क बहाली कार्य पर उठे सवाल

तहसील परिसर की सड़कें भी हुईं क्षतिग्रस्त

बैनामा कराने आए लोगों की कार का पहिया धंसा, स्थानीय लोगों की मदद से निकला वाहन

सिकंदराराऊ (हाथरस)।
नगर में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से संचालित ‘हर घर जल’ योजना के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने के बाद किए गए सड़क बहाली (रेस्टोरेशन) कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नगर के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ तहसील परिसर की सड़कें भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत मानकों के अनुरूप नहीं की गई। हाल की बारिश के बाद कई स्थानों पर सड़कें धंस गईं, गड्ढे बन गए और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

तहसील परिसर में भी दिखी समस्या
तहसील परिसर, जहां प्रतिदिन प्रशासनिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं आम लोगों की आवाजाही रहती है, वहां भी सड़क कई स्थानों पर धंसी हुई दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक परिसर में ही सड़क बहाली की स्थिति यह है, तो अन्य क्षेत्रों में हुए कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
बुधवार को कार का पहिया धंसने से मची अफरा-तफरी

बुधवार को तहसील में बैनामा कराने आए लोगों को उस समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब उनकी कार का एक पहिया सड़क धंस जाने के कारण उसमें फंस गया। काफी देर तक वाहन निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में आसपास मौजूद लोगों और अन्य वाहन चालकों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कार को बाहर निकाला जा सका। इस घटना के बाद तहसील परिसर में मौजूद लोगों ने सड़क बहाली कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की।
कई स्थानों पर सड़कें धंसने की शिकायत
नगरवासियों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के बाद खुदाई वाले हिस्सों की पर्याप्त भराई और सघनीकरण (कम्पैक्शन) किए बिना ही डामरीकरण अथवा सीसी कार्य कर दिया गया। इसके चलते कई स्थानों पर सड़कें धंसने लगी हैं और गड्ढे बनने से दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।

व्यापारियों और आम लोगों को हो रही परेशानी
मुख्य मार्गों से लेकर अंदरूनी मोहल्लों तक कई स्थानों पर मलबा, धूल और कीचड़ के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि धूल और खराब रास्तों के कारण उनके कारोबार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
पूर्व विधायक भी उठा चुके हैं मुद्दा
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता का मुद्दा पूर्व विधायक द्वारा भी पहले उठाया जा चुका है। इसके बावजूद यदि संबंधित कार्यों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
नगर के नागरिकों एवं प्रबुद्धजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ‘हर घर जल’ योजना के अंतर्गत सिकंदराराऊ में किए गए सड़क बहाली कार्य की स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से जांच कराई जाए। यदि जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा क्षतिग्रस्त सड़कों का पुनर्निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाए।