सोमवार, मई 27, 2024
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सामाजिक न्याय के लिए आवश्यक है कर्मयोग, समर्पित कार्यकर्ता ही करेंगे राष्ट्रनिर्माण – शंकराचार्य

सिकन्दराराऊ   (ब्रजांचल ब्यूरो) ।

न्यायपालिका द्वारा पीड़ितों को बिलम्ब से न्याय मिलना भी अन्याय की श्रेणी में आता है। सनातन व्यवस्था ने समाज को व्यवस्थित किया न कि विभाजित जबकि संविधान ने समाज को विभाजित किया है। मनु व्यवस्था को गाली देने वाले तत्वों को समझना चाहिए कि उस व्यवस्था में अपना वर्ण परिवर्तित किया जा सकता था लेकिन संविधान इस बात की व्यवस्था नहीं देता। आज समाज को व्यवस्थित करने की आवश्यकता है, भृष्टाचारियों को खदेड़ कर शुचिता का शासन स्थापित हो और सभी को न्याय मिले। यही कर्मयोग सेवा संघ का उद्देश्य है। ऐसे कर्मयोगी ही समाज को दिशा दे सकते हैं। उक्त बातें काशी सुमेरु पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कर्मयोग सेवा संघ द्वारा साईं आनन्द बल्लभ विद्यालय में आयोजित शस्त्र पूजन, हलधर सम्मान, सैनिक सम्मान और चतुर्थ स्थापना दिवस के अवसर पर कहीं।

पूर्व विधायक सुरेशप्रताप गांधी ने कहा कि कर्मयोग सेवा संघ आज क्षेत्र में सबसे सफल तरीके से भृष्टाचारियों से लड़ रहा है। विवेकशील का श्रम सार्थक दिशा में है उनके सभी कार्यकर्ताओं का समर्पण निश्चित ही संगठन को बहुत आगे लेकर जाएगा।

विशिष्ट अतिथि रामजीलाल बाल्मीकि ने कहा कि आज के समय जहां जातियों में संघर्ष कराने के लिए सभी राजनीतिक दल लगे हुए दिखाई देते हैं वहां सभी जातियों में प्रेम का संचार करने का काम कर्मयोग सेवा संघ द्वारा किया जा रहा है।

विशिष्ट अतिथि बादशाह सिंह लोधी ने कहा कि किसान और जवानों का सम्मान कर संगठन ने सिद्ध कर दिया है कि संगठन एक बड़ी विचारधारा को अपने अंदर समेटे हुए है।

कार्यक्रम अध्यक्ष कैप्टन शेर सिंह यादव ने कहा कि पूरा क्षेत्र यह जानता है कि आज किसान हो, जवान हो, मजदूर हो या फिर राशन उपभोक्ता; सभी की लड़ाई संगठन द्वारा लड़ी जा रही है। संगठन के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न समाज बहुत सहन नहीं करेगा।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रदीप गर्ग तथा अजय पालीवाल एड. ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम के दौरान हलधर किसान, पूर्व सैनिक व पत्रकारों का सम्मान किया गया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से तारकेश्वर पचौरी, विनय पचौरी, उमेश शर्मा, कुलवीर यादव, रूपकिशोर शर्मा, वीरेंद्र सिंह चौहान, दिनेश यदुवंशी, महेश पुंढीर एड., अजय वर्मा, पवन शर्मा, अंकित ठाकुर, रमेश पुंढीर, योगेश पुंढीर, रामकुमार वार्ष्णेय, दिनेश पुंढीर, दुर्गपाल सिंह, सचिन कुमार, रामप्रताप चौहान, नरेंद्र सिंह पुंढीर, नरेशपाल सिंह, योगेंद राजपूत, योगेंद्र बघेल, सुशील राघव, आरपी सिंह, सुभाष कुमार, मित्रेश चतुर्वेदी, चेतन शर्मा, आकाश पुंढीर, संदीप कुमार, मुनिपाल सिंह, राजेन्द्र सिंह, मोहन सिंह, लवकुश पुंढीर सहित सैकड़ों कर्मयोगी उपस्थित रहे।

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