यातायात सड़क सुरक्षा के संबंध में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि वाहन को निर्धारित गति सीमा में चलायें। ओवरस्पीडिंग सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण है। हमारे देश में प्रत्येक वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 1,00,000 व्यक्तियों की मृत्यु ओवरस्पीडिंग के कारण होती है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य लगायें। हमारे देश में प्रत्येक वर्ष सडक दुर्घटनाओं में लगभग 42,000 व्यक्तियों की मृत्यु केवल हेलमेट न लगाये जाने के कारण होती है। सीटबेल्ट आपकी सुरक्षा की गाँठ है। अतः चार पहिया वाहन चलाते समय आगे व पीछे बैठी सभी सवारियाँ सीटबेल्ट अवश्य लगायें। सीटबेल्ट न लगाये जाने पर दुर्घटना की स्थिति में एयरबैग काम नहीं करते हैं। भारत में प्रत्येक वर्ष लगभग 17000 व्यक्तियों की मृत्यु सीटबेल्ट न लगाये जाने के कारण होती है। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने पर चालक का ध्यान ड्राइविंग से भटक जाता है, जिससे दुर्घटनाऐं होती है। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग नैवीगेशन को छोड़कर अन्य किसी कार्य हेतु कदापि न करें। नींद, नशा अथवा थकान की स्थिति में वाहन न चलायें। ऐसा करने पर आप स्वयं दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे होते हैं। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करें। आपकी छोटी सी मदद उस व्यक्ति का जीवन बचा सकती हैं। भारत सरकार द्वारा दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नेक व्यक्तिध्गुड सेमेरिटन के लिए रू0 5,000/- का पारितोषिक भी निर्धारित किया गया है। दोपहिया वाहन चलाते समय सदैव बी०आई०एस० मानक संख्या-4151 गुणवत्ता का हेलमेट अनिवार्य रूप से लगायें एवं पीछे बैठी सवारी को भी हेलमेट पहनायें। मा0 उच्च न्यायालय के आदेशानुसार दोपहिया वाहनों में मॉडिफाईड साइलेंसर लगाया जाना पूर्णतः प्रतिबन्धित है। ऐसा करने पर आपके वाहन का पंजीयन निरस्त हो सकता है।