शनिवार, फ़रवरी 24, 2024
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बिना जांच डेंगू घोषित करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ होगी कार्रवाई

हाथरस :

जिले में मलेरिया विभाग द्वारा डेंगू की रोकथाम के लिए किए गए प्रयासों का असर देखने को मिल रहा हैं। विभाग के अधिकारियों की माने तो इन दिनों में वेक्टर जनित रोग  अधिक फैलता है। लेकिन विभाग द्वारा किए गए प्रयासों के चलते जनपद में अभी तक एक भी डेंगू का केस प्रकाश में नहीं आया है। इसके साथ ही विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कुछ डॉक्टर पैसा बनाने के लिए बुखार को भी डेंगू घोषित कर देते हैं, इस प्रकार की अगर कोई बात प्रकाश में आएगी तो उस डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  जिला मलेरिया अधिकारी एम जौहरी का कहना है कि इस समय डेंगू के साथ -साथ अन्य वेक्टर जनित रोग तेजी से फैलते हैं, जिन्हें रोकने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के महत्वकांक्षी अभियानों में से एक संचारी रोग नियंत्रण अभियान जिले में सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ है, अभियान के तहत एंटी लारवा व डीडीटी का छिड़काव, लोगों को वेक्टर जनित रोगों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रभात फेरियां, पानी से भरे गड्डो को भरना आदि कार्य किए गए जिसमें अन्य विभागों का भी सहयोग रहा। उन्होंने बताया कि अभी तक उनके संज्ञान में डेंगू का केस नहीं आया है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी चिकित्सक द्वारा बताया जाए की आपको डेंगू हैं, तो घबराए नहीं। कुछ चिकित्सक बिना एलाइजा जांच के डेंगू घोषित कर देते हैंजोकि पूणर्ता गलत है। ऐसा करने वाले चिकित्सक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट के बाद ही डेंगू की प्रमाणिक पुष्टि होती है।

सहायक मलेरिया अधिकारी एसपी गौतम ने बताया कि बुखार होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं,झोलाछाप से अपना इलाज न कराएं।बिना चिकित्सक की सलाह के अनावश्यक दवाओं का सेवन न करें। बुखार के समय पानी एवं अन्य तरल पदार्थ जैसे – नारियल पानी, शिकंजी, ताजे फलों के रास आदि का सेवन करें।   

कैसे करें बचाव 

– बर्तन जिनमें पानी का संचयन किया जाता है आदि को नियमानुसार सुखाकर ही पुनः प्रयोग में लायें। घर की छतों, बेकार पड़े बर्तनों, गमलों के नीचे ए०सी० से निकलने वाले पानी, पक्षियों के लिए रखे गए पानी के बर्तन आदि को सप्ताह में एक बार सुखाकर ही प्रयोग में लायें। .

– ऐसे कपड़े पहने, जिससे शरीर का ज्यादा-से-ज्यादा हिस्सा ढका रहे। खासकर बच्चों 

के लिए यह सावधानी बहुत जरूरी है। 

– रात को सोते समय मच्छरदानी लगाएं।  

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