शनिवार, फ़रवरी 24, 2024
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धर्म की रक्षा से हमारी रक्षा होती है; इस सिद्धांत को समझने की है जरूरत- विवेकशील राघव

सिकन्दराराऊ (ब्रजांचल ब्यूरो)।

तुलसी का प्रयोग कफ दोष को कम करने, पाचन शक्ति एवं भूख बढ़ाने, बुखार, दिल से जुड़ी बीमारियां, पेट दर्द, मलेरिया और बैक्टीरियल संक्रमण आदि में बहुत फायदेमंद हैं और साथ ही इसलिए भी बहुत उपयोगी है कि उसके द्वारा हर समय ऑक्सीजन का उत्सर्जन होता है। इसी कारण भारतीय विद्वानों ने इसे पूज्यनीय अर्थात सम्मान के योग्य बताया है। उक्त बातें कर्मयोग सेवा संघ द्वारा ग्राम जरेरा, पोरा, सिकन्दराराव नगर तथा महामई में आयोजित तुलसी पूजन एवं दीप यज्ञ कार्यक्रमों के दौरान विवेकशील राघव ने कहीं।

राघव ने कहा कि विदेशी हमलावरों ने भारतीय संस्कृति को विकृत और विनष्ट करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। हमारे समाज को हमारे विरुद्ध खड़ा करने के लिए तमाम षड्यंत्र बनाए गए। लेकिन हमारे पूर्वजों ने उनका ठीक से मुकाबला किया और परिणास्वरूप आज हम एक स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। जब हम परतन्त्रता के काल मे अपने धर्म और संस्कृति को सुरक्षित रखने में सफल हुए तो आज कोई कारण नहीं कि हम किसी के भी द्वारा बरगलाए जा सकें। धर्म की रक्षा से हमारी रक्षा होती है; इस सिद्धांत को समझने की जरूरत है।
इस दौरान श्री राम स्तुति मन्त्रों के साथ कीर्तन आदि किया गया।


इस अवसर पर सैकड़ों ग्रामीणों सहित प्रमुख रूप से विजय बाल्मीकि, खेमचंद बाल्मीकि, आकाश दीप बाल्मीकि, अजय वर्मा, उमेश शर्मा, सतेंद्र सिसौदिया, हरिओम वर्मा आदि की उपस्थिति रही।

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