रविवार, अप्रैल 21, 2024
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दिल्ली सेवा बिल पर क्या बोले AAP सांसद राघव चड्ढा

राघव चड्ढा ने कहा कि इससे ज्यादा असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक कागज एक बिल के रूप में शायद ही पहले कभी संसद भवन में पेश किया गया होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि एक चुनी हुई सरकार की शक्तियां चंद बाबू के हाथों में सौंपी जा रही है।

आपको बता दें कि अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर से जुड़ा दिल्ली सेवा बिल मंगलवार यानी 1 अगस्त को लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक बार फिर बीजेपी पर लोकतंत्र और संविधान की हत्या करने का आरोप लगाया और चड्ढा ने कहा कि अगर ये बिल पास हो गया तो फिर दिल्ली में बिजली और पानी का बिल जीरो आएगा या नहीं ये बीजेपी के LG तय करेंगे।

सूत्रों के अनुसार चड्ढा ने आगे कहा कि लोग वोट देकर अपनी सरकार चुनते हैं ताकि सरकार उनके लिए काम कर सके। लेकिन जब उस सरकार की शक्तियां ही छीन ली जाएंगी तो फिर काम कैसे होगा। उन्होंने कहा कि ये बीजेपी सरकार की नहीं बल्कि दिल्ली के 2 करोड़ लोगों की शक्तियां छीन रहे हैं। राघव ने कहा कि इसका मतलब यह है कि अब वह सारी शक्तियां एलजी के पास चली जाएंगी।

संदीप दीक्षित के बयान पर राघव ने क्या जबाव दिया?

बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि इस बिल को पास होने से नहीं रोकना चाहिए क्योंकि इसमें कुछ गलत नजर नहीं आता है। इस पर राघव चड्ढा ने कहा कि भले ही कुछ नेताओं ने भावनाओं में आकर ये बयान दिया होगा। लेकिन मुझे लगता है कि पूरा विपक्षी गठबंधन INDIA एक साथ है। लोकतंत्र के साथ है और इस बिल को हराने के लिए सब साथ आएंगे। राघव ने ये भी कहा कि बीजेपी के अंदर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो चाहते हैं कि संविधान बना रहे और लोकतंत्र बना रहे हैं वह भी हमारा साथ देंगे।

राघव ने कहा ये धर्म और अधर्म की लड़ाई है

जब राघव चड्ढा से ये पूछा गया कि बिना नंबर के इस बिल को कैसे सदन में रोक पाएंगे। इस पर राघव ने जवाब देते हुए कहा कि राज्यसभा में सत्ता पक्ष के पास आंकड़े नहीं है। इसलिए राज्यसभा में क्या होगा। ऊंट किस करवट बैठेगा। ये तब ही पता चलेगा जब राज्य सभा में यह बिल पेश किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि ये धर्म और अधर्म की लड़ाई है। जिसमें धर्म ही जीतेगा।

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