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जिलाधिकारी ने बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया, मरीजों से स्वास्थ्य के बारे में ली जानकारी

हाथरस 19 फरवरी 2021 ।

जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया, अस्पताल में भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी नें अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा अस्पताल एवं परिसर में साफ सफाई की व्यवस्था दुरस्त रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीटी स्कैन कक्ष, मन कक्ष, पर्ची काउंटर, बाल रोग विभाग, दंत विभाग, आडियों परामर्शदाता कक्ष, सर्जन कक्ष, ऑर्थोपेडिक सर्जन कक्ष, बीपी/सुगर टेस्ट कक्ष, कोरोना टेस्ट कक्ष, फिजीशियन कक्षा, वरिष्ठ परामर्शदाता कक्ष, डिजिटल एक्स-रे कक्ष, ईसीजी कक्ष, एकीकृत परामर्शदाता कक्ष, परामर्शदाता/एचआईवी टेस्ट कक्ष, टॉयलेट मेल/फीमेल, बायो केमिकल लैब, पोषण पुनर्वास केंद्र, जनरल महिला/पुरुष वार्ड तथा आपातकालीन कक्ष का निरीक्षण किया।


जिलाधिकारी ने सीटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण किया। डॉक्टर आई. वी. सिंह ने बताया कि वर्तमान में दो रेडियोग्राफर डॉ रोहित कुमार, डॉ राघवेंद्र तैनात है। उन्होंने बताया कि सिटी स्कैन मरीजों का निशुल्क किया जाता है। जिसका भुगतान शासन द्वारा किया जाता है। जिलाधिकारी ने पंजिका का निरीक्षण किया तथा पंजिका में दर्ज दिनांक 17 फरवरी 2021 के मरीज के दर्ज मो0न0 से संपर्क कर जानकारी ली मरीज द्वारा बताया गया कि उसने अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कर ली है। इसके पश्चात उन्होंने मन कक्ष का निरीक्षण किया जहां पर वर्तमान में 3 महिला डॉक्टर एक स्टाफ नर्स तैनात है। साइकोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। कंसलटेंट डा0 संध्या ने मरीजों के लक्षणों के बारे में जानकारी दी मरीजों कि दर्ज की जाने वाली पंजिका को भी दिखाया। दंत विभाग कक्ष का निरीक्षण किया सहायक डेंटिस्ट मनीष कुमार वाष्र्णेय ने बताया कि लगभग 50 से 60 मरीज प्रतिदिन देखे जाते हैं। उन्होंने बताया कि डेंटिस्ट का पद 4 वर्ष से रिक्त है। आडियों परामर्शदाता कक्ष का निरीक्षण किया। आडियों जांच मशीन संचालित ना होने पर जिलाधिकारी ने आडियों जांच मशीन को तत्काल संचालित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिससे अस्पातल में आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पडें। सर्जन कक्ष का निरीक्षण किया डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 50 से 60 मरीज देखे जाते हैं। आने वाले मरीजों के लगभग सभी टेस्ट जिला अस्पताल में ही किए जाते हैं। सर्जन कक्ष में मरम्मत एवं साफ सफाई की व्यवस्था को दुरस्त कराने के निर्देश दिए। आर्थोपैडिक सर्जन कक्ष का निरीक्षण किया डॉ ए.के. मल्होत्रा ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 200 से 250 मरीज देखे जाते हैं।

ब्लड/शुगर जांच कक्षा का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने यहां पर आने वाले 50 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों की बीपी की जांच अवश्य करने के निर्देश। डिजिटल एक्सरे कक्ष का निरीक्षण किया एक्सरे टेक्नीशियन निर्मेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रतिदिन 60 से 70 मरीजों का डिजिटल तरीके से एक्सरे किया जाता है। ईसीजी कक्ष का निरीक्षण किया जहा पर उपस्थित डॉक्टर आई. वी. सिंह ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 40 से 50 मरीजों का ईसीजी किया जाता है वतर्मान में ईसीजी की कोई भी जांच लंबित नहीं है। एकीकृत परामर्श दाता केंद्र का निरीक्षण किया जहां पर एचआईवी से संबंधित मरीजों की काउंसिलिंग एवं दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं उपस्थित डॉक्टर ने बताया कि एनजीओ एवं अन्य तैनात कर्मचारियों के माध्यम से क्षेत्रों में भ्रमण कर संबंधित मरीजों का चिन्हीकरण किया जाता है जांच के उपरांत पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें लाइफटाइम दवा उपलब्ध कराई जाती है वर्तमान में जिला अस्पताल से 176 मरीजों को दवा दी जा रही है कक्ष के सामने बने पुरुष महिला प्रसाधन कक्ष का निरीक्षण किया यूरिनल का पाइप निकले होने एवं अन्य व्यवस्थाएं ठीक ना होने पर जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल में बने समस्त टॉयलेट को व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए पैथोलॉजी एवं बायोकेमिकल का निरीक्षण किया तथा वहां पर होने वाली जातियों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी ली जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी जरूरत के आधार पर अधिक से अधिक मरीजों की जांच कराने के निर्देश दिए जिला अस्पताल में संचालित वार्डों में खुले में खुले डस्टबिन रखे होने पर नाराजगी व्यक्त की उन्होंने ढक्कन युक्त डस्टबिन का प्रयोग करने के निर्देश दिए डॉ रियाज अहमद से गुणवत्ता मैनेजमेंट के तहत पैरामीटर में सम्मिलित बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट में सुधार लाने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि यदि चयनित संस्था द्वारा ठीक ढंग से काम नहीं किया जा रहा है तो उसे चेतावनी पत्र जारी करें उसके पश्चात यदि उसमें सुधार नहीं किया जाता है तो संस्था का कांटेक्ट समाप्त करते हुए नई संस्था के चयनित करने करते हुए बायो मेडिकल मैनेजमेंट में सुधार लाने के निर्देश दिए पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया डॉक्टर विचित्रा ने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में 05-05 वेड के दो कक्ष संचालित है तथा एक कक्ष प्ले रूम का है। वर्तमान में कुल 08 बच्चे भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि यहां पर आने वाले 80 प्रतिशत से अधिक बच्चे ठीक हो जाते हैं। वहां पर भर्ती कुपोषित बच्चों के माता-पिता से जिलाधिकारी ने 14 दिन तक रह कर बच्चों का इलाज कराने के निर्देश दिए तथा डॉक्टरों द्वारा दिए जाने वाले सुझावों का अनुपालन करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए तथा आंगनवाड़ी, पी.एच.सी तथा सी.एस.सी. सेंटरों से अधिक से अधिक कुपोषित बच्चों को एन.आर.सी में भर्ती कराने के निर्देश दिए जिससे कि कुपोषित बच्चों को सुपोषित की श्रेणी में लाया जा सके। उन्होंने सीएमओ को मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। रसोईघर का निरीक्षण किया रसोईया उपलब्ध न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। बच्चों को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जनरल महिला/पुरुष वार्ड का निरीक्षण किया तथा वहां पर भर्ती मरीजों से बीमारी के बारे में जानकारी कि तथा उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिये। इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन कक्ष में अलग-अलग बीमारियों से ग्रसित लोग आते हैं जिलाधिकारी ने कार्य योजना तैयार करते हुए अस्पताल में खाली पड़े कक्षों आपातकालीन व्यवस्था को संचालित करने के निर्देश दिए। जिससे कि अधिक से अधिक मरीजों को भर्ती किया जा सके। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बृजेश राठौर, डॉक्टर आई.वी. सिंह उपस्थित थे।

 

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