शनिवार, फ़रवरी 24, 2024
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खरगे और सभापति धनखड़ के बीच क्यों हुई नोंकझोंक?

मणिपुर हिंसा को लेकर संसद में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है, विपक्ष लगातार नियम 267 के तहत चर्चा की मांग कर रहा है। इसी दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सभापति जगदीप धनखड़ के बीच मणिपुर को लेकर दोनों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। हालांकि इस दौरान जगदीप धनखड़ मजाकिया लहजे में भी बोलते नजर आए।

आपको बता दें कि राज्यसभा में एक बार फिर इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली है। साथ ही राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद मणिपुर के मुद्दे पर नियम 267 के तहत चर्चा पर जोर देते हुए कांग्रेस नेता खरगे ने कहा कि सरकार को इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। इस पर सरकार का कहना है कि विपक्षी दल खुद इस मामले पर चर्चा नहीं चाहता है। 

खरगे ने सभापति से कहा कल शायद आप गुस्सा हो गए थे। इस पर धनखड़ ने मजाकिया लहजे में कहा कि मैं 45 सालों से शादीशुदा हूं, गुस्सा नहीं करता। धनखड़ ने कहा कि वकील के तौर पर भी हमें गुस्सा करने का अधिकार नहीं है। 

धनखड़ ने पीएम मोदी की तारीफ क्यों की?

जगदीप धनखड़ को जवाब देते हुए खरगे ने कहा, आप भले जाहिर ना करें लेकिन अंदर से गुस्सा करते है। धनखड़ के इस बात पर खरगे ने आरोप लगाते हुए कहा कि आप पीएम का बचाव कर रहे हैं। तो धनखड़ ने जवाब देते हुए कहा कि पीएम को किसी बचाव की जरूरत नहीं है। उनकी वैश्विक पहचान है। सोचिए कि अमेरिकी सांसद में उनका संबोधन सुनकर देश के आम लोगों को कितना गर्व होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि तीस सालों बाद पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है।

संसद के दोनों सदनों में हुआ हंगामा

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था। जिसके बाद से ही दोनों सदनों में मणिपुर हिंसा को लेकर हंगामा लगातार जारी है विपक्ष की मांग है कि पूरे दिन के मुद्दों को किनारे रख रूल 267 के तहत सरकार चर्चा के लिए तैयार हो। इसके अलावा पीएम मोदी से भी संसद में बयान देने की मांग की जा रही है। बता दें कि मणिपुर में पिछले करीब तीन महीनों से जमकर हिंसा हुई। जिसमें करीब 150 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग राहत शिविरों में हैं। 

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