शहर का जिला प्रशासन सोता नजर आ रहा है। जिले से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का निर्माण ट्रांसपोर्टनगर किया गया है। निर्माण कार्य पूरा होने के एक साल बाद भी इसका संचालन नहीं किया जा रहा है। जबकि सड़कों किनारे कूड़े के ढेर लग रहे हैं।
नगर पालिका परिषद की ओर से ट्रांसपोर्ट नगर के पीछे एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराया गया है। घरों से निकलने वाले गीले-सूखे कूड़े का निस्तारण कर पालिका द्वारा खाद तैयार की जाएगी। शहर से प्रतिदिन लगभग 48 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है।
इस कूड़े के निस्तारण के लिए नगर पालिका परिषद द्वारा एक साल पहले करीब 33 लाख 67 हजार रुपये की लागत से सेंटर का निर्माण कार्य कराया गया। लेकिन आज तक इसमें मशीनों को स्थापित नहीं किया गया है, जिससे कूड़े का निस्तारण किया जा सके। जिसके चलते शहरवासियों को कूड़े की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है।
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