शनिवार, जुलाई 20, 2024
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ओमप्रकाश राजभर की एंट्री से पूर्वांचल की सीटों पर बदल सकते हैं समीकरण

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर BJP के नेतृत्व वाले NDA में शामिल होने के बाद से एक्टिव नजर आ रहे हैं. सीएम योगी से लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष तक से मुलाकात के बाद राजभर ने पूर्वांचल की उन छह लोकसभा सीटों पर फोकस करने की बात कही है जहां 2019 में बीजेपी को मात मिली थी. उन्होंने कहा है कि हमारा प्लान पूर्वांचल में अपने चुनाव अभियान का आगाज उन्हीं सीटों से करने का है जहां पिछली बार बीजेपी हार गई थी. आजमगढ़ जिले के लालगंज लोकसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा कराने का प्लान है. सीएम योगी को इसके लिए प्रस्ताव दिया है.

ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के जरिए भी प्रस्ताव जेपी नड्डा को भेजा गया है. उनके इस बयान से संकेत साफ हैं, BJP और सुभासपा के गठबंधन का पूरा फोकस पूर्वांचल की उन सीटों पर है जहां पिछली बार BJP हार गई थी. पूर्वांचल में बीजेपी की शिकस्त ने ही राजभर की NDA में वापसी का आधार तैयार किया था. राजभर ने भी लखनऊ से बलिया तक एक कर दिया है.

पूर्वांचल की किन सीटों पर पड़ेगा असर 

यूपी में करीब चार फीसदी राजभर हैं. पूर्वांचल के 25 जिलों में 26 लोकसभा सीटें हैं और इनमें 18 जिलों में राजभर अच्छी संख्या में हैं. राजभर मतदाता करीब दर्जनभर लोकसभा सीटों पर जीत-हार तय करने में निर्णायक भूमिका निभाने की स्थिति में हैं. ओमप्रकाश राजभर की पार्टी ने 2019 के चुनाव में 19 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. सुभासपा को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी लेकिन आठ सीटें ऐसी थीं जहां पार्टी तीसरे स्थान पर रही थी.

सुभासपा के 19 उम्मीदवारों को कुल मिलाकर तीन लाख से भी कम वोट मिले थे. ये आंकड़ा बताता है कि सुभासपा अकेले दम जीतने की स्थिति में नहीं है लेकिन उसका वोटबैंक अगर बीजेपी जैसी पार्टी के साथ चला जाए तो जीत की राह आसान हो सकती है. राजभर का वोटबैंक भी बसपा की तरह डेडिकेटेड रहा है, ऐसे में बीजेपी को लगता है कि उसके वोट में राजभर वोट भी जुड़ जाएं तो पूर्वांचल का किला फतह किया जा सकता है.

राजभर की एंट्री से NDA में बढ़ सकती है ताकत 

ओमप्रकाश राजभर की एनडीए में वापसी से बीजेपी को उम्मीद है कि गाजीपुर और बलिया के साथ ही आजमगढ़, लालगंज, संत कबीर नगर, अंबेडकर नगर, जौनपुर, घोसी, चंदौली, मछलीशहर में एनडीए मजबूत होगा. ओमप्रकाश राजभर जिस जहूराबाद विधानसभा सीट से विधायक हैं, वह बलिया लोकसभा सीट में है. वहीं, जखनियां सीट से भी 2022 के चुनाव में सुभासपा के बेदी राम जीते थे जो गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र में आती है. इन दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में राजभर मतदाताओं की तादाद अधिक है.

सुभासपा के साथ गठबंधन का फायदा बीजेपी को गाजीपुर और बलिया लोकसभा सीट के साथ ही सलेमपुर, रॉबर्ट्सगंज, जौनपुर, घोसी, मछलीशहर और वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में भी मिल सकता है. राजभर मतदाता इन क्षेत्रों में भी अच्छी तादाद में हैं. अब सवाल ये भी है कि राजभर को इस गठबंधन से क्या हासिल होगा? गठबंधन का कोई फॉर्मूला सामने नहीं आया है लेकिन कहा जा रहा है कि ओमप्रकाश राजभर की पार्टी लोकसभा चुनाव में चार सीटें मांग रही है. सुभासपा ने यूपी की तीन और बिहार की एक सीट पर दावा किया है जिसमें गाजीपुर लोकसभा सीट भी शामिल है.

BJP के लिए क्यों महत्वपूर्ण है पूर्वांचल 

BJP ने 2024 के चुनाव में सभी 80 की 80 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. 80 में से 26 सीटें पूर्वांचल से आती हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का क्षेत्र वाराणसी हो या सीएम योगी की कर्मभूमि गोरखपुर, ये इलाके भी पूर्वांचल में ही आते हैं. ऐसे में बीजेपी नेताओं को लगता है कि पार्टी अगर पूर्वांचल में कमजोर पड़ी तो पूरे प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन की स्थिति में भी विपक्ष को निगेटिव नैरेटिव सेट करने का मौका मिल जाएगा. यही वजह है कि पार्टी पूर्वांचल की चुनावी लड़ाई में इसबार कहीं से भी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती.

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