शनिवार, जुलाई 20, 2024
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ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में आये शिक्षक संगठन,आन्दोलन की दी चेतावनी

सोमवार से शुरू होगी परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की डिजीटल उपस्थिति 

हाथरस (जिनेन्द्र जैन) ।

15 जुलाई से शुरू होने बाली शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति अब 8 जुलाई से शुरू होगी जिले के परिषदीय विद्यालयों को डिजिटल सुविधाओं से सुसज्जित करने की तैयारी बेसिक शिक्षा विभाग पहले ही कर चुका है। शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी के लिये विभाग 1018 परिषदीय विद्यालयों में 1938 टैबलेट का वितरण व सिम पहले ही उपलब्ध करा चुका है इन टैबलेट के माध्यम से परिषदीय प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में उपयोग किए जा रहे भौतिक रजिस्टर्स में पंजिकाओं को डिजिटल किया जायेगा। पहले विभाग का ऑनलाइन उपस्थिति 15 जुलाई से शुरू होनी थी परन्तु महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय लखनऊ आये निर्देशों में 8 जुलाई से यह कार्य शुरू किया जाना है।

जिले में 1018 विद्यालयों में 1938 टेबलेट सिम का वितरण पहले ही कराया जा चुका है सभी विद्यालयों को डिजिटल पंजिका प्लेटफार्म से जोड़ा जाएगा। विद्यालयों में शिक्षकों के एक अप्रैल से तीस सितंबर तक आने का समय सुबह 7.45 बजे से 8 बजे तक और जाने का समय 2.15 से 2.30 कर दिया गया है। शीतकालीन सत्र में एक अक्टूबर से 31 मार्च तक विद्यालय आने का समय सुबह 8.45 से 9 बजे तक और जाने के लिए 3.15 से 3.30 बजे तक दर्ज करने का समय निश्चित किया गया है। प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में उपस्थिति पंजिका रजिस्टर, प्रवेश पंजिका, कक्षावार छात्र उपस्थिति पंजिका, एमडीएम पंजिका, समेकित निशुल्क सामग्री वितरण पंजिका, स्टॉक पंजिका, आय व्यय एवं चेक इश्यू पंजिका (बजट वार), बैठक पंजिका, निरीक्षण पंजिका, पत्र व्यवहार पंजिका, बाल गणना पंजिका और पुस्तकालय खेल कूद पंजिका रजिस्टर को डिजिटल रजिस्टर्स नाम से विकसित किया गया है।

ऑनलाइन हाजिरी के जिले के शिक्षक संगठनों ने विरोध करना शुरू कर दिया है संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन हाजिरी से शिक्षक पर मानसिक तनाव उत्पन्न होगा जो उसके लिये जानलेवा सावित हो सकता है।

प्राथमिक शिक्षक संध के जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति व्यवहारिक नहीं है शिक्षक को विद्यालय पहुॅचने में रास्ते में होने बाली बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पडता है शिक्षक संध डिजिटल उपस्थिति का अपनी लंबित मांगों के शासन स्तर से स्वीकार न किये जाने तक पूर्ण बाहिष्कार करता है।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष रविकान्त मिश्र ने ऑनलाइन उपस्थिति में शिक्षकों को कहीं ट्रैफिक जाम तो कहीं पर खराब सड़क, कहीं पर आकस्मिकता उत्पन्न होने वाली समस्याओं को देखते हुए ऑनलाइन उपस्थिति में निश्चित समय पर उपस्थिति दर्ज करना एक बहुत बड़ी समस्या साबित होंगी। ऑनलाइन उपस्थिति का मानसिक दबाव होगा तब क्या स्थिति होगी।

यूटा संगठन के जिलाध्यक्ष डाॅ प्रदीप कुमार पुण्डीर ने भी डिजिटाइजेशन के वर्तमान स्वरूप का विरोध किया है।

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